आओ कभू Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 06, 2017 अब जब कहीं तेल लगाना हो तो रोगन बादाम ही बरतेंगे। काजू की फैनी से आचमन करेंगे और छुहारे किशमिश की खिल्ली उड़ाएंगे। आओ कभू अरहर के खेत पे Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
तकाजा ब्लूमकारी December 14, 2016 कुछ नये पुराने अंदाजा आँखों से निकल कर आँसुओं की वापसी कभी नहीं हुई, आंसु चाहे दुःख - सुख के हों या # सर्दी के ! 😱 😱 (-१०) Read more
परेशानी December 27, 2016 परेशानी की भी शक्ल हो सकती है। कुत्ता, तवायफ, चुड़ैल, शैतान...सो जाए या जागता रहे, वो परेशान ही रहता है। Read more
April 20, 2017 किसी के घर न जाऊं गर तो माँ रूठ जाती हैं.. गावों में अब भी, वो तहज़ीब बाकी है... Read more
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